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न’शा ऐसा करो कि मदहोश हो जाओ, सबसे बड़ा भक्ति का न’शा : केशवगिरी

न’शा ऐसा करो कि मदहोश हो जाओ : केशवगिरी
न,शा करना है तो ऐसा करो की मदहोश हो जाओ। जब व्यक्ति मदहोश होता उसके जीवन से नशा कभी नहीं उतरता। यह बात श्री राम दरबार मंदिर मकरोनिया सागर के महंत केशवगिरी ने कही। उन्होंने बताया कि 27 दिसम्बर से 1 जनवरी तक मंदिर में सवा करोड़ ओम नमः शिवाय जप महा अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। महत केरावगिरी का कहना है कि 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को नए वर्ष मनाने के दौरान आज के युवा एंज्वाइमेंट और खुशिया मनाने के नाम पर सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। जिससे आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो रही है।
नए वर्ष के जशन के नशे में अपना जीवन बर्बाद करते युवाओं के बारे में महंत का कहना है कि अक्सर मौज मस्ती के लिए होटलों, रेस्टोरेंट, आउटिंग के लिए जाते हैं और परिजनों की गैरमौजूदगी में या बिगड़ैल बच्चों की संगत में नशे का सेवन करना सीख जाते हैं। इन्हें भारतीय संस्कृति और परंपरा से रूबरू कराने का धार्मिक आयोजन एक जरिया है। नशा जो होता है व्यक्ति शाम को नशा कर लेता है और सुबह उतर जाता है। नशा व्यक्ति को गिराता है। जब कोई व्यक्ति मदहोश होता है तो दूसरे दिन नशा उतरने पर होश में आ जाता है। हम आध्यात्मिक के माध्यम से व्यक्ति को मदहोश करना चाहते हैं। कोई व्यक्ति परमात्मा में, भगवान की भक्ति में लीन हो जाए तो वह कभी होश में नहीं आता। इसलिए मैं चाहता व्यक्ति मदहोशी में आ जाए। जब व्यक्ति मदहोश होगा तो परमात्मा का नशा उसके जीवन से कभी नहीं उतरेगा। सागर मकरोनिया स्थित श्रीराम दरबार मंदिर में युवाओं को धर्म से संस्कृति से जोड़ने की अनोखी पहल
की जा रही है। 31 दिसम्बर और 1 जनवरी में एन्जवाइ और नशा करना चाहते हैं तो ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। भगवान की भक्ति ही सबस बड़ा नशा है |
केशवगिरी ने बताया कि वैसे तो हिन्दू धर्म में सनातन नव वर्ष चैत्र मास से प्रारंभ होता है | इस वर्ष हमने श्री राम दरबार मंदिर में सवा करोड़ ओम नमः शिवाय जाप का लक्ष्य रखा है। जो 27 जनवरी से प्रारंभ होगा और 1 जनवरी तक किया जाएगा। दो दिन इसका छोटे-छोटे बच्चों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जाप करने वालों को रूद्राक्ष की मालाएं वितरित की जा रही हैं। पंजीयन कराया जा रहा है। वहीं छोटे बच्चों और युवा पीढ़ी जो इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को ज्यादा महत्व देते हैं उन्हें नंबर काउंटर प्रदान किए जा रहे हैं। जब बच्चे ओम नमः शिवाय मंत्र का जाम करेंगे तो उन्हें बहुत आनंद आएगा। सागर के इतिहास में शायद यह रूद्राभिषेक और पंचाक्षरी मंत्र के सवा करोड़ का जाप पहली बार हो रहा है। इससे पहले श्री राम दरबार में ऐसा आयोजन किया जा चुका है। भारतीय संस्कृति और परंपरा से नई पीढ़ी को रूबरू कराने का धार्मिक आयोजन एक जरिया है |

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