पाल वंश के दौर की है कलकत्ते वाली माता की मूर्ति
नवरात्रि विशेष … एक स्वरूप कलकत्ता में दूसरा स्वरूप कलकत्ता वाली मैय्या का मालथौन में विराजमान है माँ की महिमा निराली भक्तों का लगा तांता■ करीब 800 ईश्वी शताब्दी में मूर्ति की हुई थी स्थापना सुरेन्द्र जैन मालथौन। सागर जिले से 60 किलोमीटर मालथौन में अद्भुत अद्वितीय स्वरूप महाकाली का विराजमान है एक कलकत्ता में…
