16 मई से 26 मई 2026 तक एक भव्य 10 दिवसीय आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन

सागर में बहेगी अध्यात्म की गंगा: बाल ब्रह्मचारी पं. सुमत प्रकाश जी खनियाधाना की दिव्य देशना आज से

अंकुर कॉलोनी जैन मंदिर में 10 दिवसीय अखिल भारतीय आध्यात्मिक संगोष्ठी का भव्य शंखनाद; देश-विदेश से जुटेंगे हजारों तत्व पिपासु
सागर। देश के सुप्रसिद्ध जैन दार्शनिक और बाल ब्रह्मचारी पंडित सुमत प्रकाश जी खनियाधाना के मंगल प्रवचनों का लाभ अब सागर के साधर्मियों को मिलने जा रहा है। कुंद-कुंद स्वाध्याय मंडल ट्रस्ट के तत्वाधान में आज, 16 मई से 26 मई 2026 तक एक भव्य 10 दिवसीय आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
इस महा-संगोष्ठी में जिनागम के मूलभूत सिद्धांतों को समझने के लिए विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और तत्व पिपासु जन सागर पधार रहे हैं। यह गरिमामयी आयोजन तीन प्रमुख स्थानों—दिगंबर जैन मंदिर अंकुर कॉलोनी, तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय और महावीर जिनालय परकोटा—के सामूहिक सहयोग से संपन्न होगा।

संगोष्ठी का कार्यक्रम और स्थल
अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के मीडिया प्रभारी अखिलेश समैया जैन ने बताया कि संगोष्ठी दो चरणों में आयोजित होगी:
प्रथम चरण (16 मई से 20 मई): शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, अंकुर कॉलोनी में बाल ब्रह्मचारी पं. सुमत प्रकाश जी और देश के युवा विद्वानों का समागम होगा।
द्वितीय चरण (21 मई से 26 मई): महावीर जिनालय (परकोटा) और तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय में दैनिक आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
जैन दर्शन और सिद्धांतों पर पढ़े जाएंगे शोध-पत्र
इस राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी में देश-विदेश से आ रहे युवा विद्वान जैन दर्शन के गूढ़ विषयों पर अपने शोध-पत्र (Research Papers) प्रस्तुत करेंगे:
आचार्य तारण स्वामी का अवदान: अंकुर शास्त्री द्वारा 16वीं सदी के महान संत आचार्य तारण स्वामी के जीवन दर्शन और भारतीय दर्शन में उनके योगदान पर विशेष शोध-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
समयसार पर मंथन: आचार्य कुंदकुंददेव रचित जैन वांग्मय के शिरोमणि ग्रंथराज ‘समयसार’ पर गहन चर्चा होगी।
निमित्त-उपादान: जैन दर्शन के सबसे प्रमुख और व्यावहारिक सिद्धांत ‘निमित्त-उपादान’ पर भी शोध-पत्र पढ़े जाएंगे।
प्रायोगिक सत्र: जैन आचार, संस्कृति और शुद्ध सात्विक आहार के व्यावहारिक पक्ष को समझाने के लिए विशेष प्रैक्टिकल सेशन भी आयोजित होंगे।

सकल जैन समाज में हर्ष की लहर
यह पहला ऐसा ऐतिहासिक अवसर है जब अखिल भारतीय स्तर की इस संगोष्ठी में देश-विदेश में रिसर्च और पीएचडी कर रहे जैन युवा विद्वान अपनी मेधा का प्रदर्शन करेंगे।
इस गौरवपूर्ण आयोजन के लिए सकल जैन समाज सहित, सकल तारण तरण दिगंबर जैन समाज, दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल, पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट (जयपुर), अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन और तारण तरण युवा परिषद जैसी अनेक संस्थाओं ने अपनी मंगलमय शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था:
आयोजन समिति के गुलजारी लाल जैन, पंडित अखिलेश शास्त्री और सुशील सहयोगी ने बताया कि बाहर से पधारने वाले सभी विद्वानों और अतिथियों के लिए चैत्यालय धर्मशाला में आवास, भोजन और वात्सल्य भोज की उत्तम व्यवस्था की गई है।

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