पंचायतों में सजी साइबर चौपाल, हजारों ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

SAFE CLICK 2.0 अभियान : पांचवें दिवस सागर जिले के ग्राम पंचायतों में सजी साइबर चौपाल, हजारों ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी

सागर | पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार संचालित “SAFE CLICK 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित भविष्य” अभियान के पांचवें दिवस सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में “साइबर चौपाल” का व्यापक आयोजन किया गया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों, डिजिटल ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

साइबर चौपाल में सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सरल भाषा में साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के प्रभावी उपाय बताए गए।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि कोई भी बैंक अधिकारी, पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसी कभी भी फोन, व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की गोपनीय जानकारी नहीं मांगती और न ही वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” किया जाता है। ऐसी किसी भी कॉल या संदेश पर विश्वास न करें तथा तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।

साइबर अपराध की रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए नागरिकों को बताया गया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर गोल्डन ऑवर के भीतर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे बैंक एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा ठगी गई राशि को होल्ड कराने का प्रयास किया जा सके। साथ ही नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की चरणबद्ध प्रक्रिया भी समझाई गई। उन्हें पोर्टल पर पंजीयन, शिकायत दर्ज करने, आवश्यक दस्तावेज एवं स्क्रीनशॉट अपलोड करने तथा शिकायत की ट्रैकिंग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रमों के दौरान ग्राम पंचायत भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा संबंधी पोस्टर, बैनर एवं पेम्फलेट वितरित किए गए। प्रत्येक चौपाल स्थल पर साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की गई, जिससे अधिक से अधिक नागरिक आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें। सागर पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजना, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर आने वाले कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड अथवा डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं से सतर्क रहें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। सागर पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करना है। इसी उद्देश्य से “SAFE CLICK 2.0” अभियान के अंतर्गत जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं |

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