
अग्रणी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता का ‘मिशन एजुकेशन’; पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के विजन से ग्रामीण कॉलेजों में शुरू होंगे रोजगारोन्मुखी कोर्स
जिले के 4 शासकीय महाविद्यालयों का किया मैराथन निरीक्षण, ‘कॉलेज चलो अभियान’ की जमीनी हकीकत जान दिए आवश्यक निर्देश
सागर | बुंदेलखंड के ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षा के स्तर को आधुनिक और वैश्विक बनाने की दिशा में शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय सागर द्वारा एक बड़ी और अनुकरणीय प्रशासनिक पहल की गई है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी ने जिले के चार प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों— बीना कन्या कॉलेज, खुरई, शाहपुर और गढ़ाकोटा का दो दिवसीय मैराथन दौरा कर ‘कॉलेज चलो अभियान’ और प्रवेश हेल्प डेस्क की व्यवस्थाओं को कड़े पैमानों पर परखा। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया कि कॉलेज की दहलीज पर आने वाले हर एक छात्र और अभिभावक को प्रवेश के नियमों की सटीक जानकारी और पारदर्शी मार्गदर्शन मिलना चाहिए, क्योंकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस प्रशासनिक दौरे के दौरान सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरक मोड़ तब आया जब अग्रणी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने मध्य प्रदेश शासन के पूर्व वरिष्ठ मंत्री व रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र के कद्दावर विधायक श्री गोपाल भार्गव के गढ़ाकोटा निवास पर पहुंचकर एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान डॉ. गुप्ता ने गढ़ाकोटा, रहली और शाहपुर के शासकीय कॉलेजों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा श्री भार्गव के अनवरत प्रयासों से स्वीकृत हुए विभिन्न नए व आधुनिक पाठ्यक्रमों के लिए उन्हें विशेष रूप से साधुवाद दिया और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि श्री भार्गव का यह दूरदर्शी विजन ग्रामीण क्षेत्र के उन प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें पहले नए और तकनीकी कोर्स की पढ़ाई के लिए बड़े और महंगे शहरों का रुख करना पड़ता था। अतिरिक्त शैक्षणिक स्टाफ और इन नए पाठ्यक्रमों की मंजूरी से ये कॉलेज अब पूरी तरह आत्मनिर्भर और समृद्ध शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, जो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
निरीक्षण के दौरान डॉ. सरोज गुप्ता ने चारों कॉलेजों के प्राचार्यों और प्राध्यापकों की अलग अलग बैठक लेकर नवीन प्रवेश सत्र के निर्देशों, सत्यापित आवेदनों तथा आवंटित सीटों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने हिदायत दी कि मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के नियमों के तहत पूरी प्रवेश प्रक्रिया को तय समय-सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए ताकि अंतिम छोर के विद्यार्थी को भी इसका लाभ मिल सके। इस पूरे गरिमामयी दौरे के दौरान संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य, वरिष्ठ प्राध्यापक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्हें अग्रणी कॉलेज की टीम ने प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, डिजिटल और छात्रहितकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी और व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए |
