जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण और स्कूली बच्चे

भूपेन्द्र सिंह ठाकुर देवरी कला |

जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण और स्कूली बच्चे । देवरी विकासखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के प्रवेश द्वार के नजदीक और जैन अतिशय क्षेत्र के नाम से पहचान बनी ग्राम पंचायत बीना का मामला जहां ग्राम पंचायत बीना से निकलने वाली नदी के पार करीब 30 परिवारों के लोग निवास करते हैं, जिन्हें सीधे नदी पार करने पर स्कूल और बीना मुख्यालय की दूरी महज आधा किलोमीटर से भी होती है ,और यह लोग अगर चक्कर लगाकर रानी ताल होते हुए बीना पहुंचते हैं तो उन्हें करीब 8 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने नदी पार कर सीधा रास्ता सुगम और नजदीक होता है। लेकिन नदी में अत्यधिक पानी होने के कारण यहां लगातार मगरमच्छों की संख्या बढ़ रही है और आए दिन मगरमच्छ जानवरों का शिकार कर रहे हैं इस कारण यहां से निकलने वाले लोगों ने एक जुगाड़ का पुल बनाया है जिसके ऊपर से ग्रामीण और स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम डालकर इस नदी को पार कर रहे हैं ।लेकिन इस और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं और यहां के लोग और बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर है। इन ग्रामीणों को चाहे दिन हो या रात किसी चीज की जरूरत हो तो नदी पार कर बीना आना पड़ता है।और इसी पुल से होकर छोटे छोटे बच्चों को स्कूल आना पड़ता है और ग्रामीण मजदूरी के लिए भी नदी पार कर आते है। बॉक्स 1.ग्रामीण महिला आशारानी ने बताया कि हम लोग नदी पार करके मजदूरी करने आते हैं और हमारे बच्चे भी सामने बने स्कूल में इसी पुल के रस्ते से आते हैं हम लोग एक दिन नदी में से निकल रहे थे उसी समय अचानक मगर आ गया और हम लोग अपनी जान बचाकर निकले ,अभी 2 दिन पहले मगरमच्छ ने एक कुत्ते का भी शिकार कर लिया है और यहां नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं। बॉक्स 2ग्रामीण देवेंद्र पटेल ने बताया कि हम लोग इसी नदी के पानी में से होकर निकलते हैं और बच्चे भी यही से स्कूल जाते थे और यहां नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ आ गए हैं जिससे हम लोगों को खतरा बना रहता है अभी दो-तीन दिन पहले हम लोगों ने निकलने के लिए यहां जुगाड़ का यह पुल बनाया है जिस पर से छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं और हम सभी ग्रामीण भी इसी रास्ते से निकलते हैं क्योंकि यहां से स्कूल की दूरी एवं बीना की दूरी आधा किलोमीटर से भी कम है लेकिन घूम कर जाने पर करीब 8 किलोमीटर की दूरी तय कर हम लोग बीना पहुंचते हैं। रात के समय अक्सर पुल के नजदीक मगरमच्छ बैठे रहते है।बॉक्स3.सरपंच जीवन यादव ने बताया कि यहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी हो रही है और यहां पुल निर्माण के लिए कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक पत्राचार कर चुके है लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई और पंचायत के पास ऐसा कोई मद नहीं रहता कि यहां नदी पर पुल का निर्माण कर सके नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं। बॉक्स 4.पाइप और बिजली के खंभे डालकर बनाया जुगाड़ का पुल ग्राम बीना के लोगों ने नदी के पानी से निकलने के दौरान मगरमच्छ के खतरे को देखते हुए पुलिया के पाइप और बिजली के खंभों से एक जुगाड़ का पुल बनाया है, जिससे ग्रामीण और स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं।

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