एक डीएसपी और दो आरक्षकों की फर्जी गैंग को पकड़ लाई असली पुलिस

थाना शाहगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई — फर्जी DSP बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

सागर | फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया | फरियादी द्वारा सूचना दी गई कि शिवम चतुर्वेदी, जो स्वयं को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताता था, ने होमगार्ड में नौकरी लगवाने का प्रलोभन देकर 1 लाख की मांग की। दिनांक 18 फरवरी को शिवम चतुर्वेदी अपने दो साथियों के साथ, जो पुलिस वर्दी में थे, एक बिना नंबर की नई बोलेरो वाहन से ‘चायगढ़ कैफे’, शाहगढ़ पहुंचा। फरियादी को तीनों के फर्जी होने का संदेह होने पर तत्काल थाना शाहगढ़ पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में पाया गया कि वे वास्तविक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी

शिवम चतुर्वेदी — फर्जी DSP
राजकुमार ठाकुर — फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर
सतीश सिंह ठाकुर — फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर
तीनों आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाह की | पूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप खरे, सउनि लोकविजय सिंह, प्रधान आरक्षक हरिराम, संतोष कुमार, खूबसिंह यादव, आरक्षक दिनेश साहू, सुरेन्द्र लोधी, लखन पटैल, दुर्गेश, बॉबी, उमाशंकर, अभिषेक एवं महिला आरक्षक सुष्मा का विशेष एवं प्रशंसनीय योगदान रहा। थाना शाहगढ़ पुलिस की सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और पेशेवर कार्रवाई से एक संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर आमजन को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया गया। श्री विकाश कुमार शाहवाल, पुलिस अधीक्षक सागर के कुशल नेतृत्व में, डॉ. संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर एवं श्री लोकेश कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देशन तथा श्री प्रमोद बाल्मीकि, एसडीओपी बण्डा के मार्गदर्शन में थाना शाहगढ़ पुलिस ने त्वरित की |

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