
प्रकृति की अनुपम उपहार है जैव विविधता
विशाल रजक तेंदूखेड़ा!-जैव विविधता प्रकृति का अनुपम उपहार है जो जीवन को सुंदर संतुलित और समृद्ध बनाती है। इसका संरक्षण न केवल हमारे वर्तमान के लिए बल्कि आने वाली पीढियो के लिए भी आवश्यक है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस अनमोल धरोहर को नष्ट होने से बचाएं और प्रकृति के साथ समन्वय बनाकर एक सतत और स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ें। जैव विविधता की रक्षा में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है तभी सच्चे अर्थों में हम प्रकृति के इस उपहार का सम्मान कर पाएंगे। पेड़-पौधे, अनेक प्रकार के जीव-जंतु, मिट्टी, हवा, पानी, महासागर-पठार, समुद्र-नदियां इन सभी का संरक्षण जरुरी है क्योंकि ये सभी हमारे अस्तित्व एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण है ऐसे में हमारे प्रकृति प्रेमी सेवानिवृत्त एसडीओ बीएल साहू कहना है कि जैव विविधता को कायम रखने के अपने प्रयास करते हैं इसके लिए पौधरोपण का हिस्सा बनते हैं घरों में हरियाली को स्पेश देते हैं ताकि विभिन्न प्रकार के पक्षियों को आसर मिले
तेजगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी नीरज पांडेय कहते हैं कि खुद को विकसित प्राणी कहने वाला मनुष्य आज अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए लगातार विविधता जैव को नुकसान पहुंचा रहा है जिससे इस धरा के ईको सिस्टम पर संकट गहराता जा रहा है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जाता है इसलिए इस जैव विविधता दिवस पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह पेड़ पौधों को लगाए और पर्यावरण बचाएं
नीरज पांडेय वन परिक्षेत्र अधिकारी तेजगढ़
वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रेयांस जैन कहते हैं कि प्रकृति की खूबसूरती जैव विविधता से है हम सभी का प्रयास हर एक चीज के बचाव और रख रखाव में होना चाहिए, ताकि पर्यावरण का संतुलन बना – रहे इसलिए सभी को मिलकर जैव विविधता के प्रति जागरूक होना पड़ेगा हम धरती मां और पर्यावरण को बनाए रखने के लिए एक छोटा सा प्रयास कर सकते हैं आने वाले मानसून में आपने आसपास खेत खलिहान खाली पड़ी जमीन पर अधिक से अधिक पौधारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा बने
श्रेयांस जैन वन परिक्षेत्र अधिकारी तेंदूखेड़ा
रागिनी रजक कहती हैं कि प्रकृति में विविधता चाहिए तो नेचर को हरा भरा बनाना होगा वहीं पक्षियों को आश्रय देने के लिए उनके रहने और खाने का भी इंतजाम करना होगा मैं तो अपने घर और आंगन में रंग बिरंगे। पूल और पौधों की देखरेख करके ही धरा को हराभरा बनाने का प्रयास करती हूं
रागिनी रजक तेंदूखेड़ा
जानकी साहू कहती है कि घर की सुंदरता बढ़ती है बल्कि इस वजह से हम पक्षियों आवास को और भोजन भी प्रदान करते हैं वातावरण में तीव्र गति से होते नकारात्मक बदलाव के कारण बहुत से पेड़, पौधे और पशु पक्षी विलुप्त हो चुके हैं। जिससे जैव विविधता को बनाए रखने के स्तर में भी काफी गिरावट आई है
जानकी साहू तेजगढ़
गुड़िया ठाकुर कहती हैं कि साफ सुथरा वातावरण ही जैव विविधता को बढ़ावा दे सकता है हर एक वनस्पति तथा जीव को रहने योग्य बनाने में अलग. अलग उद्देश्य है हमारा जीवन प्रकृति का अनुपम उपहार है इसलिए सभी को एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित होकर जागरूक होना चाहिए
गुड़िया ठाकुर तेंदूखेड़ा
