धरती माँ का कर्ज चुकाएं, अपनी माँ के नाम पर एक पौधा ज़रूर लगाएं – डाॅ. अनिल

धरती माँ का कर्ज चुकाएं, अपनी माँ के नाम पर एक पौधा ज़रूर लगाएं। – डाॅ. अनिल तिवारी

6 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद परिसर सिरोंजा सागर मे एक पेड़ माँ के नाम पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ वृक्ष पूजन के साथ किया गया। इसके उपरान्त स्वामी विवेकानंद वि.वि. के संस्थापक कुलगुरू-डाॅ. कुमार अनिल तिवारी ने कहा कि – धरती माँ का कर्ज चुकाएं, अपनी माँ के नाम पर एक पौधा ज़रूर लगाएं। यह कार्यक्रम बेहद खास है, बेहद अनोखा है और हमारे दिलों के सबसे करीब है। क्योंकि आज हम जो पौधा लगाने जा रहे हैं, वो सिर्फ एक पेड़ नहीं है, वो है-एक पेड़ माँ के नाम। इस दुनिया में ‘माँ’ शब्द सबसे पवित्र, उससे सुंदर और उससे निस्वार्थ कुछ भी नहीं है। माँ हमें जन्म देती है, हमारा पालन-पोषण करती है, अपनी छांव में हमें हर दुख से बचाती है और बदले में कभी कुछ नहीं मांगती। येसी ही माँ जैसी ही एक और शक्ति है – और वो है हमारी
प्रकृति, हमारी धरती माँ। जो हमें जीवन देती है, अन्न देती है, पीने को पानी और सांस लेने को शुद्ध हवा देती है। धरती माँ भी हमसे बदले में कुछ नहीं मांगती। यानी एक तरफ वो माँ है जिसने हमें जन्म दिया, और दूसरी तरफ ये धरती माँ है जो हमारा जीवन संभालती है। जब हम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाते हैं, तो हम अपनी दोनों माताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। मध्यप्रदेश की प्रदेश महिला मोर्चा उपाध्यक्ष – डाॅ. नंदिता पाठक ने कहा कि- मा. श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरणादायी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद वि.वि. के संस्थापक कुलगुरू के साथ सहभागिता कर रही हूँ और पर्यावरण संरक्षण, हरित भारत और स्वच्छ भविष्य का संदेश पौधा लगा कर देना चाहती हूँ। पौधे केवल वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के लिए जीवन, स्वच्छ वायु और सुरक्षित पर्यावरण का आधार हैं। हमारा कर्तव्य होना चाहिए कि जब हम किसी पौधे को अपनी माँ का नाम देते हैं, तो आप उसे सिर्फ मिट्टी में रोपते नहीं हैं, बल्कि आप उसके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। जैसे हमारी माँ ने हमें उंगली पकड़कर चलना सिखाया, हमें सींचकर बड़ा किया, वैसे ही हमारी जि़म्मेदारी बन जाती है कि माँ के नाम पर लगाए गए उस पौधे को हम रोज़ पानी दें, उसकी रक्षा करें और उसे एक विशाल पेड़ बनाएं। जब हमारी लगाई हुई ये कलम एक दिन बड़ा पेड़ बनेगी, उसकी शीतल छांव में राहगीर बैठेंगे, पक्षी अपना घोंसला बनाएंगे, तो हमारी माँ के नाम का वो आशीर्वाद इस पूरी सृष्टि को महका रहा होगा। इस अवसर पर आभार ज्ञापन कपिल उपाध्यय द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सोनू ठाकुर, शुभम चैधरी, राजकुमार पाण्डया, गगन ठाकुर, वीरेन्द्र गौतम एवं नीरज यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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