
हम अपने बच्चों को धन यदि थोड़ा कम भी दें तो कोई बात नहीं परंतु धर्म की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए – श्री चिन्मयानंद बापू
खेल परिसर के बाजू वाले मैदान मैं चल रही श्रीमद् भागवत कथा में परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापूजी ने कहा की धुंधकारी और गोकर्ण के संवाद से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए कि हम अपने बच्चों को धन यदि थोड़ा कम भी दें तो कोई बात नहीं परंतु धर्म की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए क्योंकि यदि बच्चों के अंदर से धर्म और संस्कार चले जाएंगे तो हम कितना भी धन उनको कमा कर रख देंगे एक ना एक दिन वह उसको नष्ट ही कर देंगे इसलिए अपने बच्चों में संस्कार दें बापूजी ने कहा कि पुराने समय में हम अपने बच्चों को भगवान के मंदिर में ले जाकर भगवान के विषय में उनको बताते थे भगवान का दर्शन कराते थे घर में भी मां बाप बच्चों को भगवान की सुंदर सुंदर कथाएं सुनाते थे लेकिन आजकल व्यस्ततम जीवन में हम अपने कामकाज में इतने व्यस्त हो गए कि हमने अपने बच्चों को संस्कार तो छोड़ो समय देना भी कम कर दिया इसीलिए आज व्यासपीठ के माध्यम से बापूजी ने कहा कि हम अपने बच्चों को संस्कार अवश्य प्रदान करें आगे भागवत कथा के प्रथम स्कंध में सभी को प्रणाम करते हुए श्री सूत जी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्रीमद् भागवत कथा को शुभारंभ किया कपिल देव भगवान और देवहूति माता का संवाद सुनाते हुए उन्होंने कहा कि हम अपने जीवन को विषयों में बर्बाद ना करें जीवन बड़ा अमूल्य है और हमें एक बार ही परमात्मा ने कृपा करके यह मानव शरीर दिया है इसलिए हम इसको विषयों में परवाह न करते हुए परमात्मा के श्री चरणों से लगाए और परमात्मा का ध्यान करें कल कथा के माध्यम से भगवान श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव धूमधाम से पंडाल में मनाया जाएगा। आज मुख्य रूप से कथा में मुख्य यजमान अनिल तिवारी, श्रीमती प्रतिभा तिवारी, शाखा अध्यक्ष शिव शंकर मिश्रा, मुख्य सह यजमान श्रीमती शिल्पा तिवारी नीरज तिवारी और सह यजमान के रूप में सपरिवार अजय श्रीवास्तव रश्मि श्रीवास्तव, राजकुमार अग्निहोत्री, रत्नेश राजपूत, रामवतार पांडे, कमल तिवारी, मुन्ना पटेरिया, सीताराम मिश्रा, अशोक उपाध्याय, गोलू रिछारिया, रामजी दुबे, तरुण बडोनिया, लालू मेथवानी, निधी सुनील जैन पूर्व विधायक, मनीषा विनय मिश्रा, रितु तिवारी, असंख्य दुबे, अनिल दुबे, लक्षमण सिंह, पप्पू तिवारी, राहुल चैबे, श्याम नेमा, आर्यन मिश्रा, आदि उपस्थित रहे।
