शाहगढ क्षेत्र में हुई स्टाफ नर्स की ह’त्या के प्रकरण में आरोपी अपने सहयोगी सहित गि’रफ्तार

शाहगढ क्षेत्र में हुई स्टाफ नर्स की हत्या के प्रकरण में आरोपी अपने सहयोगी सहित गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद

4 फरवरी 2026 को थाना शाहगढ़ क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामने पदस्थ स्टाफ नर्स दीपशिखा चढ़ार, निवासी पाटन, जिला जबलपुर की अज्ञात हमलावर द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना शाहगढ़ में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर द्वारा विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई। वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण एवं लगातार की गई पतारसी के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतिका का आरोपी सुशील चढ़ार, निवासी ग्राम मुड़िया, थाना पनागर, जिला जबलपुर से पूर्व में प्रेम संबंध था परंतु मृतिका एवं उसके परिजनों द्वारा विवाह से इंकार किए जाने के कारण आरोपी एकतरफा प्रेम में आक्रोशित हो गया और योजनाबद्ध तरीके से शाहगढ़ आकर दिनांक 04 फरवरी 2026 को दीपशिखा चढ़ार की गोली मारकर हत्या कर फरार हो गया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी गई। आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु उप पुलिस महानिरीक्षक, सागर रेंज द्वारा आरोपी पर 20,000 र का नगद इनाम घोषित किया गया। थाना शाहगढ़ पुलिस द्वारा गठित दो विशेष टीमें लगातार जबलपुर एवं ग्राम मुड़िया क्षेत्र में सक्रिय रहीं। दिनांक 16 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी सुशील चढ़ार को ग्राम मुड़िया से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त हथियार आरोपी के चचेरे भाई सौरभ चढ़ार द्वारा उपलब्ध कराया गया था। इसके आधार पर सौरभ चढ़ार को भी गिरफ्तार कर प्रकरण में आरोपी बनाया गया। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 का भी इजाफा किया गया है।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान- इस महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी शाहगढ़ उप निरीक्षक संदीप खरे, चौकी प्रभारी हीरापुर उप निरीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर, चौकी प्रभारी बराज उप निरीक्षक सतेंद्र गुर्जर, प्रधान आरक्षक जानकी, आरक्षक दिनेश, दुर्गेश, लखन, सुरेन्द्र तथा महिला आरक्षक मनीषा का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।

सागर पुलिस गंभीर अपराधों के आरोपियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने के लिए निरंतर अभियान जारी रहेगा।

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